सफर जारी है यारो अपनी मंजिल की तरफ माना के रास्ता मुश्किल है पर जित हमारी पक्की है अंधेरा एक दोन हट जाएगा सूरज नयी किरण की सुभह लाएगा उस सुभह का इंतजार है यारो अभी भी सफर जारी है यारो
अपने वजुद को पहचानो हार तुम कभी ना मानो मोसम तो आते जाते रेहेते है पर तुम्हे चलते जाना है अपने कदम बढाते रहो अपनी मंजिलो को पाते रहो मुश्कीलोंकी परवा कभी मत करना खुद पे इतना विश्वास रखो तुम ये सारा आक
हसीन पलोंको दिल मे सजाए रखना अपनी प्यारीसी मुस्कान को कभी न खोना तुम उगते हुए सूरज हो कलके सदा अपनी खुशीयों की किरणो से दुनिया मै खुशीया फैलाना अपनी उम्मीदो को कभी मत खोना हमेशा युही मूस्कुराते रेखेना