बचपन -Poem
बचपन का खिलौना आज store room में मिला बचपन की यादों का ,पिटारा खोल दिया उन लम्हों की यादों से,आंखों में अश्कों ने पहरा भर दिया वो बचपन का खिलौना एक किस्सा, उसने छिपाया था उस किस्से के ख्याल ने होटों पर, मुस्कान को बुलाया था
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बचपन का खिलौना आज store room में मिला बचपन की यादों का ,पिटारा खोल दिया उन लम्हों की यादों से,आंखों में अश्कों ने पहरा भर दिया वो बचपन का खिलौना एक किस्सा, उसने छिपाया था उस किस्से के ख्याल ने होटों पर, मुस्कान को बुलाया था








