ये बारिश का मौसम -Poem
ये बारिश का मौसम और गरजते हुए बादल जब से तुम्हे देखा है मुझे भाने लगा है तुम्हारी ही यादों में जो बना था पागल वो लड़का अब गम में भी मुस्कुराने लगा है ये बारिश का .... आज भी याद है वो धुन जो बजाती थी तेरी पायल मगर वो यादें ये दिल अब भुलाने लगा है ये बारिश का ... वो निकलती थी बाजार लगा के आंखो में काजल उसकी इन्हीं नजरो में दिल मेरा मुझको डुबाने लगा है ये बारिश का ....







