प्यारा सा है ये जिंदगी का सफर.. कभी कभी बनता है ये जिंदगी मे कहर.. कैसे पिया जाये ये कडवा जहर.. कभी कभी आती है खुशियो कि लहर.. प्यारा सा है ये जिंदगी का सफर.. बनता हू मै कभी कभी बडा सा डफर.. धुंड ना प
कुछ ना मिला बिना मेहनत के.. उसके बाद सौ खुशिया मिली जन्नत से.. सबको खुश करता गया फिर ख्वाब मिले रेहमत से.. यही दुवा है उपरवालेसे सब को बचाये जिल्लत से...
पापा ये आपने क्या कर दिया.. हर पल खुशियो से भर दिया.. दुखो को कभी पास ना आने दिया.. नन्हे से पैर को चलना सिखा दिया.. पापा ये आपने क्या कर दिया.. जीना क्या हैं ये सिखा दिया.. सच को सच और झूठ को झूठ बोल